HARIDWAR KUMBH MELA 2021 नागा परंपरा : बर्फानी नागा में पद पाने में लगते हैं 12 वर्ष,जानिए कौन से कुंभ में बनते हैं बर्फानी नागा

 

हरिद्वार कुंभ 2021 : सनातन धर्म संस्कृति विविधताओं से भरी हुई है।अनेको संप्रदाय हैं,मतावलंबी हैं।ऐसे में नागा संप्रदाय के बारे में जानने की जिज्ञासा हर कुसी के मन में होती है।चलिए आज जानते हैं नागा संप्रदाय के बारे में।आपको बता दें कि मुख्य रुप से 13 अखाड़ें हैं। इन 13 अखाड़ों के अंतर्गत कई उप अखाड़े माने गए हैं। शैव पंथियों के 7, वैष्णव पंथियों के और उदासिन पंथियों के अखाड़े हैं। तेरह अखाड़ों में से जूना अखाड़ा सबसे बड़ा है।ऐसे में सभी अखाड़ों में नागा बनाने की परंपरा रही है। नागा एक पदवी होती है। चलिए अब जानते हैं शैव पंथियों में नागा कैसे बना जाता है।

अन्य अखाड़ों की तरह शैव अखाड़े में भी नागा बनाने की परंपरा है। जिसके अनुसार चार जगहों पर होने वाले कुंभ में नागा साधु बनने पर उन्हें अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। प्रयागराज के कुंभ में उपाधि पाने वाले को नागा, उज्जैन में खूनी नागा, हरिद्वार में बर्फानी नागा तथा नासिक में उपाधि पाने वाले को खिचड़िया नागा कहा जाता है।

जब नागा में दीक्षा संपन्न हो जाती है तब साधुओं को उनकी वरीयता के आधार पर पद दिए जाते हैं। जो कोतवालपुजारीबड़ा कोतवालभंडारीकोठारीबड़ा कोठारीमहंत और सचिव के पद होते हैं। सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पद सचिव का होता है। नागा में दीक्षा लेने के बाद साधुओं को उनकी वरीयता के आधार पर पद भी दिए जाते हैं। कोतवालपुजारीबड़ा कोतवालभंडारीकोठारीबड़ा कोठारीमहंत और सचिव उनके पद होते हैं। सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पद महंत का होता है।

नागा साधु बनने के लिए बड़ी कठिन सादना करनी पड़ती है और नागा साधु बनने में  12 वर्ष का समय लग जाता है।जिसकी प्रक्रिया स्वरुप नागा पंथ में शामिल होने के लिए एवं जरूरी जानकारी हासिल करने में छह वर्ष का समय लगता है। इस दौरान नए सदस्य एक लंगोट के अलावा कुछ नहीं पहनते। कुंभ मेले में अंतिम प्रण लेने के बाद वे लंगोट भी त्याग देते हैं और जीवन भर यूं ही रहते हैं।

क्रमानुसार नागा साधुओं को सर्वप्रथम ब्रह्मचारी बनने की शिक्षा दी जाती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद महापुरुष दीक्षा होती है। बाद की परीक्षा खुद के यज्ञोपवीत और पिंडदान की होती है जिसे बिजवान कहा जाता है। और अंत में दिगम्बर और फिर श्रीदिगम्बर की परीक्षा होती है। दिगम्बर नागा एक लंगोटी धारण कर सकता हैलेकिन श्रीदिगम्बर को बिना कपड़े के रहना होता है। श्रीदिगम्बर नागा की इन्द्री तोड़ दी जाती है।

कहते हैं कि संतों के तेरह अखाड़ों में सात संन्यासी अखाड़े ही दिगंबर नागा साधु बनाते हैं:- ये हैं जूनामहानिर्वणीनिरंजनीअटलअग्निआनंद और आवाहन अखाड़ा।इस प्रकार से नागा साधु कड़ी परीक्षा,त्याग,ध्यान और साधना के साथ बनते हैं।

Ratings & Reviews

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Wallpapers

Here are some exciting "Hindu" religious wallpapers for your computer. We have listed the wallpapers in various categories to suit your interest and faith. All the wallpapers are free to download. Just Right click on any of the pictures, save the image on your computer, and can set it as your desktop background... Enjoy & share.