totalbhakti logo
facebook icon
upload icon
twitter icon
home icon
home icon
style
graypatti
News >>ईश्वर तो कण - कण में बसा हुआ
Sections
sectopm-left
English
 
Hindi
 
 
right
new-bhajans
new-videos
Subscribe Newsletter
sectopm-left


right
top
ईश्वर तो कण - कण में बसा हुआ
 
Posted by: Raneja
2012-02-20 12:51:45
233 Views
Comments : 0
Share |
 
प्रसिद्ध विचारक जेवियर एक बार एक नाई की दुकान पर बाल कटवा रहे थे। बातों ही बातों में जेवियर और नाई के बीच इस बात पर बहस छिड़ गई कि ईश्वर है कि नहीं। नाई का कहना था कि अगर ईश्वर होता तो दुनिया में शांति और खुशी होती न कि हिंसा और बीमारियां। अगर वह होता तो दिखाई देता। लेकिन ईश्वर तो कहीं दिखता ही नहीं। दूसरी ओर जेवियर का तर्क था कि ईश्वर तो कण - कण में बसा हुआ है , बस उसे खोजने वाली नजर और साफ नीयत चाहिए।
बहस चलती रही और इस बीच नाई जेवियर के बाल भी काटता रहा। वहां मौजूद और लोग भी इस बहस का मजा ले रहे थे। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। बाल कटवा कर जेवियर दुकान के बाहर आ गए और सड़क पर इधर - उधर टहलने लगे। तभी उन्हें बढ़े बाल और खिचड़ी दाढ़ी वाला एक युवक नजर आया। वह उस युवक को पकड़ कर फिर उस नाई की दुकान पर चले गए। वहां उन्होंने नाई से कहा - लगता है शहर में एक भी ढंग का नाई नहीं बचा है। इस पर उस नाई ने कहा - क्या बात करते हैं। मैं इस शहर का सबसे बढ़िया नाई हूं। चारों ओर मेरे चर्चे होते हैं। इस पर जेवियर बोले - अगर ऐसा है तो इस नौजवान के बाल इतने बेढंगे क्यों हैं ? इस पर नाई तपाक से बोला - जब कोई मेरे पास आएगा तभी तो मैं उसके बाल काट पाऊंगा न। मैं खुद ही कैसे समझ जाऊंगा कि किसके बाल बढ़े हुए हैं इस पर जेवियर मुस्कराकर बोले - ठीक कह रहे हो। अभी कुछ देर पहले तुम कह रहे थे कि ईश्वर है ही नहीं। अरे भाई , कोई उसे खोजने जाएगा , उसका नाम लेगा , उसे पुकारेगा , उसे पाने की कोशिश करेगा तभी तो ईश्वर मिलेगा। बिना कोई कर्म किए ईश्वर थोड़े ही मिलेगा। नाई उनकी इस बात से सहमत हो गया।
Tages:- Lord, shop, barber, hairdresser, youth, youngster, hair, beard, whiskers
bottom
0 Comments
top
bottom
Post Your Comment
 
post-news-article
Copyright © Totalbhakti.com, 2008. All Rights Reserved