Posted by:Diwaker
; Published on 2012-02-16 06:36:01 ; Views 70
वल्कल वस्त्र और मृगचर्म पहने हुये एक जटाधारी ब्राह्मण राजा सर्वमित्र के दरबार में पहुँचा में पहुँचा. हाथ में उसके एक सुरापात्र था. जाते ही वह वह बोला- ''ले लो, ले लो यह शराब ! जिसे लोक-परलोक की चिन्ता न हो, मौत का डर न हो, वह इसे ले सकता है''
राजा बड़ा शराबी था. खुद पीता था, दूसरों को भी पिलाता था. राज भर में अंधेर मचा था.
ब्राह्मण का यह वचन सुन और उसके चेहरे पर तेज देख राज....
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